वाराणसी। कफ सिरप तस्करी के बड़े मामले में कोतवाली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई में 25-25 हजार रुपये के इनामी आरोपी मनोज यादव और उसके बेटे लक्ष्य यादव को रामनगर के टेंगरा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों पर फर्जी बिल के माध्यम से कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त करने का आरोप है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बड़ी मात्रा में कफ सिरप की सप्लाई की, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था।फर्जी बिल से चलता था कारोबारजांच में सामने आया है कि मनोज यादव एक दवा कंपनी का डायरेक्टर है और उसने लाखों बोतल कफ सिरप की खरीद-बिक्री की। माल का परिवहन फर्जी बिलों के जरिए कराया जाता था। बताया जा रहा है कि सप्तसागर दवा मंडी के माध्यम से उसकी पहचान शुभम जायसवाल से हुई थी, जिसके बाद अवैध नेटवर्क खड़ा किया गया।13 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्तपुलिस ने पिछले मंगलवार को आरोपियों की 13 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। कार्रवाई के बाद दोनों फरार चल रहे थे, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।थाना कोतवाली में मनोज यादव के खिलाफ और रामनगर थाने में लक्ष्य यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।आगे की कार्रवाईपुलिस अधिकारियों का कहना है कि कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। मामले में वित्तीय लेन-देन और सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।नशे के खिलाफ पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है