तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी के बीच लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसे लेकर धनबाद पुलिस ने शुक्रवार को एक अनोखी, लेकिन बेहद प्रभावी पहल करते हुए सड़क पर उतरकर आम लोगों को ट्रैफिक नियमों का ककहरा सिखाया। जिला परिवहन विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मेमको मोड़ पर पुलिस का एक अलग ही रूप देखने को मिला। यहां पुलिस सिर्फ चालान काटने नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के संकल्प के साथ मैदान में उतरी।सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बेहद भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। वर्ष 2025 में जिले में लगभग 350 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जिनमें करीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब केवल गलती नहीं, बल्कि मौत का न्योता बन चुकी है। इन्हीं हालातों को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पूरा पुलिस महकमा आज सड़क पर उतरा।कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावशाली पहलू रहा नुक्कड़ नाटक। टीम शक्ति के कलाकारों ने सड़क के बीच मंच सजाया और नाटक के जरिए लोगों को झकझोर कर रख दिया। नाटक में दिखाया गया कि कैसे बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए या तेज रफ्तार में वाहन चलाना इंसान को सीधे ‘यमराज’ के दरबार तक पहुंचा सकता है। राह चलते लोग रुककर नाटक देखते रहे और कई लोगों ने मौके पर ही नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।मीडिया से बात करते हुए एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य चालान से पैसा कमाना नहीं है। पुलिस का लक्ष्य चालान की संख्या को शून्य (Zero) तक लाना है। पुलिस चाहती हैं कि लोग डर से नहीं, समझ से नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियम कोई बोझ नहीं, बल्कि जीवन रक्षक कवच हैं।धनबाद पुलिस अब नियमों को लेकर और सख्त होने जा रही है। 1 फरवरी से विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा। जिसमें बाइक के पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, गलत या अवैध नंबर प्लेट पर तत्काल कार्रवाई और चार पहिया वाहनों में ब्लैक फिल्म और सीट बेल्ट की अनदेखी पर भारी जुर्माना,जैसे नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।बीते वर्ष पुलिस द्वारा 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया, जो यह दर्शाता है कि ट्रैफिक नियमों के प्रति लापरवाही अब भी गंभीर स्तर पर है। लेकिन पुलिस का स्पष्ट कहना है कि उसका लक्ष्य अब राजस्व नहीं, बल्कि ‘जीरो एक्सीडेंट’ है। इस जागरूकता कार्यक्रम में सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक डीएसपी, साइबर डीएसपी समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने गलत दिशा में चलने वाले और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की।