■ पलामू, 6 जनवरी 2026: झारखंड के पलामू रेंज को मंगलवार को नया पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मिल गया।2012 बैच के आईपीएस अधिकारी किशोर कौशल ने पलामू के 34वें डीआईजी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।इससे पहले वे हजारीबाग स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस जैप-7 के कमांडेंट थे।पलामू पहुंचते ही डीआईजी कार्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि जनता की पुलिस से जो अपेक्षाएं हैं।विधि-व्यवस्था का सुचारु संचालन और अपराधों की रोकथाम उसी दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि पलामू रेंज में नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।● एसपी के नेतृत्व में चल रहे ऑपरेशनों को मजबूती प्रदान की जाएगी।अनुभवी अधिकारी की झारखंड में लंबी सेवा।किशोर कौशल झारखंड के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं वे रांची, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़, दुमका सहित कई जिलों में एसपी रह चुके हैं।आईपीएस बनने के बाद चतरा में प्रोबेशनर के तौर पर सेवा शुरू की थी इसके अलावा उन्होंने आईआईएमसी से मास कम्युनिकेशन की डिग्री भी हासिल की है।पलामू रेंज का गठन 1994 में हुआ था और इसमें पलामू गढ़वा तथा लातेहार जिले शामिल हैं।पलामू रेंज नक्सली हिंसा के लंबे इतिहास वाला क्षेत्र है बूढ़ा पहाड़ सहित सीमावर्ती इलाके नक्सलियों के लिए प्रमुख ठिकाने रहे हैं।वर्तमान में यहां आधा दर्जन से अधिक इनामी नक्सली कमांडर सक्रिय हैं, जिनमें 15 लाख के इनामी माओवादी नितेश यादव, रबीन्द्र गंझू और 10 लाख के इनामी संजय गोदराम, मनोहर गंझू, मृत्युंजय भुइयां तथा टीएसपीसी कमांडर शशिकांत गंझू प्रमुख हैं।हालांकि, पिछले वर्षों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलताएं मिली हैं पलामू जिला को 2024 में ही नक्सल-मुक्त घोषित कर दिया गया था।