धनबाद : शनिवार को अखिल भारतीय एससी एसटी ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में शिवकुमार पंडित के आवासीय परिसर, सहयोगी नगर, सेक्टर 3 में शिक्षा की अलख जगानेवाली सावित्रीबाई फुले की जयंती मनायी गयी। समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. कामता प्रसाद ने कहा सावित्रीबाई फुले स्त्री नवजागरण की प्रतीक हैं। उन्होंने स्त्रियों और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए 1848 ई. में भीडेवाडा (महाराष्ट्र) में बालिका विद्यालय की स्थापना की। जो कार्य बंगाल में राजा राम मोहन रॉय कर रहे थे। वही काम महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले कर रही थीं। शिक्षक नेता नंद किशोर ने कहा सावित्रीबाई फुले सामाजिक क्रांति की अग्रदूत थी।समाज को बदलने में उनका जुनून था।उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरित होकर समतामूलक समाज स्थापना के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है। स्त्री शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले ने अद्भुत कार्य किया। सभा को संबोधित करते हुए पुष्पलता ने कहा सावित्रीबाई फुले ने अपने समय में परिस्थितियों को चुनौती दी और उपेक्षित होने के बावजूद एक मुकाम को हासिल किया। हमें उनसे सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ने की जरूरत है। सभा को अमिता चौबे, मधु कुमारी, अनिल कुमार मदन प्रसाद नायक, उमेश यादव, श्रीकांत यादव, प्रेम मंडल, राजकुमार माझी, विनीता कुमारी यादव आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर जानकी सिंह, नीलम पंडित,भाग्य लक्ष्मी सिंह, पूनम कुमारी, विकास शाह, राम प्रताप साहू,ऋषि कुमार, मंटू साह, रामसंजोर यादव, मिथिलेश यादव।मंच संचालन गोपाल यादव एवं अशोक कुमार साहू ने किया व धन्यवाद ज्ञापन शिवकुमार पंडित ने किया।