डॉ दिलीप कुमार झा का गरिमामयी विदाई सह सम्मान समारोह संपन्नदुमका:डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल, दुमका (प्लस टू जिला स्कूल) के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, आदर्श एवं जनप्रिय शिक्षक डॉ दिलीप कुमार झा के 37 वर्ष 27 दिन के सफल सरकारी सेवा उपरांत सेवानिवृत्त होने पर शनिवार को विद्यालय परिवार द्वारा विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राजहंस ने की।समारोह में मुख्य अतिथि जामा विधायक डॉ लुईस मराण्डी तथा अतिविशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार उपस्थित रहे। अतिथियों ने डॉ दिलीप कुमार झा एवं उनकी धर्मपत्नी पुष्पलता झा को शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ लुईस मराण्डी ने कहा कि डॉ दिलीप कुमार झा जैसे बहुमुखी प्रतिभा के धनी, कर्तव्यनिष्ठ एवं समाज व शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षक सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो सकते हैं, लेकिन समाज सेवा एवं शिक्षा जगत से कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। उन्होंने कहा कि डॉ झा केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी लगनशीलता, तन्मयता और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता उन्हें जन-जन में लोकप्रिय बनाती है। एनसीसी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है।अतिविशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार ने कहा कि डॉ दिलीप कुमार झा का संपूर्ण सेवाकाल छात्रों एवं समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। शिक्षक समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण के शिल्पकार होते हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएट एनसीसी पदाधिकारी के रूप में डॉ झा के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट्स ने गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पुरस्कार अर्जित किए। उनकी विशिष्ट शिक्षण शैली के कारण 5 सितंबर 2012 को शिक्षक दिवस के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के करकमलों से उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ।विशिष्ट अतिथि झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्याध्यक्ष दिवाकर महतो ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ झा को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया गया है। विधानसभा स्थापना दिवस के अवसर पर भी उन्हें विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया।जैक सदस्य डॉ अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि डॉ झा जैसे शिक्षक मोमबत्ती की भांति स्वयं जलकर विद्यार्थियों के भविष्य को प्रकाशित करते हैं।पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष डॉ अमिता रक्षित ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षण से कई पीढ़ियों का ज्ञानवर्धन होता है और डॉ झा का सेवाकाल इसका सशक्त उदाहरण है।अन्य वक्ताओं ने भी उनके व्यक्तित्व, कर्मशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र राजहंस ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि डॉ दिलीप कुमार झा विद्यालय में एक मार्गदर्शक के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। वे शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों में भी अत्यंत लोकप्रिय रहे।अपने संबोधन में डॉ दिलीप कुमार झा ने बताया कि उन्होंने मध्य विद्यालय में सेवा के बाद वर्ष 1995 में प्लस टू नेशनल उच्च विद्यालय, दुमका में अंग्रेजी विषय के शिक्षक के रूप में योगदान दिया। 18 अक्टूबर 2016 को उनका स्थानांतरण प्लस टू जिला स्कूल, दुमका हुआ, जहाँ उन्होंने 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उन्होंने विद्यालय को कर्मभूमि और शिक्षण को आराधना बताया।समारोह में डॉ झा के परिजन, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ दिलीप कुमार झा को भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सक्रिय भविष्य की कामना की।