दुमका: मयूराक्षी ग्रामीण महाविद्यालय, रानीश्वर में प्रभारी प्राचार्य प्रो. नब कुमार पाल की अध्यक्षता में पारंपरिक सोहराय पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में बाल विवाह निषेध अधिनियम कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में दूर-दराज़ से आए सभी स्टूडेंट्स वालंटियर्स एवं छात्र-छात्राओं को शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. नब कुमार पाल ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। जब लड़कियाँ शिक्षित होंगी, तभी समाज शिक्षित होगा। आज के समय में प्रत्येक युवा को शिक्षा से जुड़ने की आवश्यकता है।एनएसएस इकाई–3 के कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा पोस्टर के माध्यम से बाल विवाह को जड़ से मिटाओ, भारत को आगे बढ़ने दो एवं बाल विवाह एक अभिशाप है जैसे नारों के साथ छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया।वहीं एनएसएस इकाई–4 के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रशांत पातर एवं इकाई–5 के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. आशीष कुमार मंडल ने भी सभी वालंटियर्स एवं विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी।इसके उपरांत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ सोहराय पर्व मनाया गया। प्राचार्य सहित सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं महिला कर्मचारी आशा मरांडी ने सोहराय नृत्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी शिक्षकों ने नृत्य के माध्यम से पर्व का आनंद लिया।विशेष रूप से प्रो. अन्थोनी हांसदा के सोहराय नृत्य ने कार्यक्रम में समां बांध दिया।इस अवसर पर डॉ रुपम कुमारी,प्रो. काजल मंडल, प्रो. गजेंद्र कुमार सिंह, प्रो. अन्थोनी हांसदा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एनएसएस वालंटियर्स फालमुनी मुर्मू, मिरु सोरेन, फूलमुनी मुर्मू, दुलन मुर्मू, जानकी मरांडी, रिया पाल, मीनू हांसदा, किरण लता टुडू, प्रोमिला किस्कू सहित अन्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ।