वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा शनिवार को वाराणसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। कमिश्नरेट क्षेत्र के 46 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। वाराणसी में दो दिनों में चार पालियों में कुल 77,764 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। शनिवार की पहली पाली में 19,440 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।सख्त चेकिंग के बाद ही मिला प्रवेशपरीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू हो गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत परीक्षार्थियों को जूते-मोजे हाथ में लेकर केंद्र में प्रवेश करना पड़ा। इसके अलावा हाथ का कलावा, घड़ी, बेल्ट, गले की चेन, रुद्राक्ष, कान के टॉप्स, चूड़ी और अन्य धातु के सामान भी उतरवाए गए।महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की अलग-अलग लाइन में बायोमैट्रिक सत्यापन और आयरिस स्कैनिंग के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।ड्रोन और CCTV से निगरानीपरीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन और बॉडी वॉर्न कैमरों से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीआईजी शिवहरि मीणा ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और चेकिंग व्यवस्था की समीक्षा की।फोटोस्टेट दुकानें बंद, STF भी तैनातपरीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानों को बंद कराया गया है। इसके साथ ही खुफिया एजेंसियों और एसटीएफ की टीमों को भी निगरानी में लगाया गया है।प्रशासनिक निगरानी और मजिस्ट्रेट तैनातएडीएम प्रशासन आलोक वर्मा ने बताया कि परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी 46 केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि सुबह 9:30 बजे के बाद गेट बंद कर दिया जाता है और इसके बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता।स्टेशन और बस अड्डों पर भी सुरक्षापरीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आने को देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। साथ ही परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है।प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।