मकर संक्रांति के पावन पर्व पर काशी आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा के लिए नगर निगम वाराणसी ने इस वर्ष अनूठी पहल की है। गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए राजघाट, दशाश्वमेध और अस्सी घाट पर श्रद्धालुओं को गर्मागर्म चाय पिलाने और ठंड से राहत के लिए अलाव की विशेष व्यवस्था की जा रही है। खास बात यह है कि यह सेवा कार्य सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सहयोग से किया जाएगा।सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अपने निजी कोष से ₹5000 का सहयोग देकर इस सेवा अभियान की शुरुआत की। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से भी इस पुनीत कार्य में व्यक्तिगत स्तर पर योगदान करने की अपील की, जिसे अधिकारियों ने सहर्ष स्वीकार किया।महापौर ने निर्देश दिए कि प्रमुख घाटों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर पर्याप्त अलाव जलाए जाएं। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए अलाव की निरंतर व्यवस्था, महिला श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु अस्थायी चेंजिंग रूम, सभी घाटों पर विशेष सफाई और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।महापौर ने कहा कि काशी आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता के साथ-साथ काशी की पारंपरिक मेहमाननवाजी और सेवा भाव का अनुभव होना चाहिए।गंगा की रेती पर पतंगों का रोमांचमकर संक्रांति के उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए नगर निगम वाराणसी की ओर से 12 जनवरी से दो दिवसीय भव्य पतंग प्रतियोगिता का आयोजन दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा की रेती पर किया जाएगा। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से प्रेरित है।महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। प्रत्येक टीम में दो सदस्य होंगे और एक प्रतिभागी को दो पतंग उड़ाने की अनुमति होगी। दोनों दिन चार-चार मुकाबले खेले जाएंगे।प्रतियोगिता विवरण:📍 स्थान: दशाश्वमेध घाट के सामने रेती क्षेत्र⏰ समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक🎏 प्रतिभागी: 16 टीमेंपुरस्कार राशि:🥇 प्रथम: ₹51,000🥈 द्वितीय: ₹21,000🥉 तृतीय: ₹11,000नगर निगम का यह संयुक्त प्रयास—सेवा, स्वच्छता और सांस्कृतिक उत्सव—मकर संक्रांति पर काशी को एक आध्यात्मिक, संवेदनशील और उत्सवमय पहचान देगा।