वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने आज साइबर क्राइम एवं क्राइम ब्रांच की व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी जांच, तकनीकी समन्वय और त्वरित कार्रवाई को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।पुलिस आयुक्त ने NCCRP पोर्टल पर दर्ज सभी साइबर शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, गंभीर मामलों की प्राथमिकता से जांच तथा पाँच लाख रुपये से अधिक के फ्रॉड में तत्काल अभियोग पंजीकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नंबर और IMEI को ब्लॉक कराने, उनका रजिस्टर बनाए रखने और OTP/फर्जी नंबरों का डेटा साझा करने पर जोर दिया गया।म्यूल अकाउंट्स की पहचान, संबंधित बैंक शाखाओं के साथ समन्वय स्थापित कर खातों को फ्रीज कराने और पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी निगरानी के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही PoS से जुड़े साइबर फ्रॉड की जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।आदतन साइबर अपराधियों का डेटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी, डिजिटल प्रोफाइलिंग और दोबारा अपराध पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए lप्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबर वाले हॉटस्पॉट की पहचान कर योजनाबद्ध कार्रवाई और JIMS पोर्टल पर विवेचनाओं की समयबद्ध अपडेटिंग को अनिवार्य किया गया।यह बैठक वाराणसी में साइबर अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी, तकनीकी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी., अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विदुष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।