नगर निगम वाराणसी के कार्यों की समीक्षा करते हुए नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने साफ निर्देश दिया है कि शहर के किसी भी जोन में कूड़ा मिलने या सफाई में लापरवाही बरतने पर संबंधित जोनल अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे।सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत वाराणसी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने का लक्ष्य दोहराया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।सफाई के साथ सुंदरीकरण भी जरूरीमंत्री ने कहा कि केवल सफाई ही नहीं, बल्कि शहर के प्रत्येक जोन का सुंदरीकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।* सड़कों की पटरियों और पेड़ों के आसपास इंटरलॉकिंग अनिवार्य* सड़कों किनारे बिखरे पत्थर और ईंटों को तुरंत हटाने के निर्देश* दुर्घटना की आशंका को देखते हुए अव्यवस्था खत्म करने पर जोरमलबा और अव्यवस्था पर सख्तीसड़कों और गलियों में पड़े निर्माण मलबे (C&D वेस्ट) को लेकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।उन्होंने स्पष्ट कहा कि: सड़कों पर मलबा बिल्कुल नहीं दिखना चाहिए तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएदुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्यअब शहर के सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना जरूरी कर दिया गया है।अगर किसी दुकान पर डस्टबिन नहीं मिला, तो संबंधित जोनल अधिकारी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।क्विक रिस्पॉन्स टीम से सुधारनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जानकारी दी कि सफाई और सुंदरीकरण के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (QRT) का गठन किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।मियावाकी वन की पहलमहापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि शहर के समग्र विकास के तहत डोमरी क्षेत्र में ‘मियावाकी वन’ विकसित किया जा रहा है, जिसकी मंत्री ने सराहना की।बैठक में ये रहे मौजूदबैठक में रविंद्र कुमार, हिमांशु नागपाल, सविता यादव, संगम लाल, जितेंद्र आनंद, कृष्ण चंद्र, आरके सिंह, अनूप सिंह और कुमार असीम रंजन समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।लक्ष्य साफ: टॉप-3 में वाराणसीस्वच्छता और सुंदरीकरण को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। आने वाले समय में शहर में सफाई व्यवस्था और कड़ी नजर आने की संभावना है।