वाराणसी में गृहकर, जलकर और सीवरकर को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि यदि भवन स्वामी 31 मार्च 2026 तक अपना टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में मूल राशि के साथ भारी ब्याज और विलंब शुल्क देना होगा। इसके साथ ही बकायेदारों पर नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम ने कर वसूली अभियान को तेज करते हुए अब तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से 192.23 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है, जबकि कुल लक्ष्य 225 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।नगर आयुक्त ने बताया कि करदाताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज में छूट भी दी गई थी, जिसका लाभ हजारों लोगों ने उठाया। फरवरी से 18 मार्च तक चले विशेष अभियान में 27,352 लोगों ने 36.19 करोड़ रुपये जमा कर 15.88 करोड़ रुपये की छूट प्राप्त की। अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र 12 दिन शेष हैं, ऐसे में शेष करदाताओं से अपील की गई है कि वे समय रहते भुगतान कर अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचें।नगर निगम ने ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे लोग घर बैठे [www.nnvns.org.in](http://www.nnvns.org.in) पर जाकर आसानी से टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके अलावा सभी जोन कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कंप्यूटरीकृत टैक्स कलेक्शन सेंटर संचालित हैं और राजस्व निरीक्षक एम-पॉस मशीन के जरिए घर-घर जाकर भी कर संग्रह कर रहे हैं।वहीं, नगर निगम की दुकानों और अन्य 23 मदों जैसे होटल, लॉज, अस्पताल और विज्ञापन से भी राजस्व वसूली तेज कर दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में 101.94 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 88.78 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि दुकानों का किराया या लाइसेंस शुल्क 31 मार्च तक जमा नहीं किया गया, तो अगले वित्तीय वर्ष में मूल धनराशि पर 50 प्रतिशत तक विलंब शुल्क जोड़कर वसूली की जाएगी।कुल मिलाकर, नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब टैक्स में देरी भी महंगी पड़ेगी, इसलिए समय रहते भुगतान करना ही समझदारी है।