प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार जिले में 5 लाख 73 हजार 203 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जो कुल मतदाताओं का 18.18 प्रतिशत है।प्रशासन ने 28 अक्टूबर को 31 लाख 53 हजार 705 मतदाताओं के आधार पर विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू किया था। बीएलओ सत्यापन के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 25 लाख 80 हजार 502 रह गई है।किन विधानसभा क्षेत्रों में कितने वोट घटेड्राफ्ट सूची के अनुसार सबसे अधिक मतदाता कैंट और त्तरी विधानसभा में घटे हैं, जबकि सबसे कम कटौती अजगरा विधानसभा में हुई है।| विधानसभा | पुरानी सूची | कटे वोट | नई सूची || ——– | ———– | ——– | ——– || पिंडरा | 3,75,261 | 52,426 | 3,22,835 || अजगरा | 3,67,532 | 35,961 | 3,31,571 || शिवपुर | 3,93,968 | 51,963 | 3,42,005 || रोहनिया | 4,22,551 | 77,262 | 3,45,289 || उत्तरी | 4,48,685 | 1,11,457 | 3,37,228 || दक्षिणी | 3,20,713 | 76,722 | 2,43,991 || कैंट | 4,71,672 | 1,12,384 | 3,59,288 || सेवापुरी | 3,53,323 | 55,028 | 2,98,295 | नाम क्यों कटेउप जिला निर्वाचन अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि मतदाता सूची से नाम डुप्लीकेसी, मृत मतदाताओं, दो स्थानों पर दर्ज नाम, और स्थान परिवर्तन जैसी पांच श्रेणियों के आधार पर हटाए गए हैं।27 फरवरी तक आपत्ति का मौकाचुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। 27 फरवरी 2026 तक आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। जिन मामलों का मिलान 2002 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा और दस्तावेजों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।