वाराणसी। साइबर ठगी के एक बड़े मामले में वाराणसी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से जामताड़ा (झारखंड) के दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर रामनगर निवासी व्यक्ति के बैंक खाते को हैक कर 8,38,402 रुपये की ठगी करने का आरोप है।पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।डिजिटल फुटप्रिंट से मिला सुरागएसीपी क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि रामनगर निवासी अनूप गुप्ता ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते को अवैध रूप से एक्सेस कर 8.38 लाख रुपये निकाल लिए।इस मामले में थाना साइबर क्राइम में धारा 318(4) BNS और 66D IT Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान साइबर सेल ने डिजिटल फुटप्रिंट खंगाले, जिससे जामताड़ा गैंग के दो सदस्यों की पहचान हुई।पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारीजांच में सामने आया कि आरोपी नागेश्वर मंडल (निवासी मोहनपुर, थाना नारायणपुर, जिला जामताड़ा) और अक्षय मंडल (निवासी सियाताड़, थाना करमाताड़, जिला जामताड़ा) पश्चिम बंगाल के बर्धमान क्षेत्र में छिपकर रह रहे थे। पुलिस टीम ने अंडाल रेलवे स्टेशन से दोनों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया।ट्रोजन APK से करते थे ठगीपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी डिजिटल फ्लायर और बैंक/आरटीओ चालान से जुड़े लिंक भेजकर लोगों को धोखा देते थे। लिंक के साथ भेजी गई मैलिशियस APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होते ही ट्रोजन वायरस की तरह काम करती थी, जिससे आरोपियों को फोन का पूरा एक्सेस मिल जाता था और सभी एसएमएस उनके पास फॉरवर्ड हो जाते थे।इसके बाद आरोपी SMS बॉम्बर से सैकड़ों मैसेज भेजकर यूजर को भ्रमित करते थे और इसी बीच बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर ठगी की रकम निकाल लेते थे। ठगी की रकम टेलीग्राम बॉट के जरिए म्यूल बैंक खातों में भेजकर कार्डलेस पेमेंट से कैश निकाली जाती थी।बड़ी मात्रा में बरामदगीपुलिस ने आरोपियों के पास से06 आईफोन (कीमत करीब 5.5 लाख रुपये)09 एंड्रॉयड मोबाइल (कीमत करीब 3 लाख रुपये)1,52,100 रुपये नकदबरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार आरोपी नागेश्वर मंडल पर पहले भी साइबर अपराध का मामला दर्ज है। उसके खिलाफ जामताड़ा के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 39/2021 दर्ज है।पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी है।