झारखंड CGL पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है। जस्टिस विश्वनाथ और जस्टिस संदीप कुमार की पीठ ने स्पष्ट किया कि झारखंड हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए जांच जारी रखने और अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ कुछ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पेपर लीक के साक्ष्य मौजूद हैं, बावजूद इसके हाई कोर्ट ने परिणाम जारी कर नियुक्ति का आदेश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को छह माह में जांच पूरी करने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जिन 10 अभ्यर्थियों को आरोपित बनाया गया है, उनका रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। यदि आगे कोई अन्य अभ्यर्थी आरोपित पाया गया तो उसका परिणाम भी प्रभावित हो सकता है।सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अब तक पेपर लीक के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। कुछ प्रश्नों की पुनरावृत्ति हुई है जिसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता। इस मामले में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें परीक्षा निरस्त करने और सीबीआई जांच कराने की मांग की गई थी।