प्रयागराज महाकुंभ में “मलंग” और “फक्कड़” छवि बनाकर चर्चाओं में आए IITian बाबा अभय सिंह अब जबरदस्त विवादों में घिर गए हैं। ब्रह्मचर्य और त्याग का उपदेश देने वाले इस तथाकथित बाबा ने कर्नाटक की इंजीनियर प्रतिका से महाशिवरात्रि (15 फरवरी) को शादी कर ली—और यहीं से बवाल शुरू हो गया।लोगों का आरोप है कि महाकुंभ जैसे आस्था के सबसे बड़े मंच का इस्तेमाल सिर्फ पहचान और लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया गया। “मलंग” और “फक्कड़” की इमेज बनाकर जनता का भरोसा जीता गया, और अब वही छवि पूरी तरह टूटती नजर आ रही है।फिलहाल यह जोड़ा हिमाचल प्रदेश में रह रहा है और यूनिवर्सिटी खोलने की योजना की बात कर रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे “नया बिजनेस मॉडल” बताया जा रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है—क्या आज के दौर में आस्था भी सिर्फ पब्लिसिटी का जरिया बनती जा रही है?महाकुंभ में जिन चेहरों को मीडिया ने तेजी से स्टार बनाया, अब उन्हीं पर सवालों की बौछार हो रही है।“पहले साधु बनकर भरोसा जीतो, फिर अलग रास्ता पकड़ लो—ये आध्यात्म नहीं, सीधा-सीधा खेल है।”👉 यह मामला अब सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि “आस्था के नाम पर दिखावे” की बड़ी बहस बन चुका है।