प्रयागराज। साइबर अपराध पर लगाम कसते हुए साइबर क्राइम थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। आम जनमानस को सिम कार्ड उपलब्ध कराने के बहाने कपटपूर्ण एवं आपराधिक गतिविधियों में लिप्त एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अभिनव बिन्द पुत्र राम कैलाश बिन्द, निवासी रशूलाबाद तेलीयरगंज, थाना शिवकुटी, कमिश्नरेट प्रयागराज के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार अभियुक्त लोगों का विश्वास जीतकर उनका बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट (अंगूठे की छाप) अवैध रूप से इस्तेमाल करता था और उसी के आधार पर फर्जी सिम कार्ड तैयार कर साइबर अपराधियों को बेचता था। इन सिम कार्डों का उपयोग साइबर ठगी, धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों में किया जा रहा था।संयुक्त पुलिस टीम ने अभियुक्त को थाना शिवकुटी क्षेत्रान्तर्गत रामजानकी मंदिर, गंगा रिवर फ्रन्ट मेहदौरी के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।यह गिरफ्तारी साफ संकेत देती है कि साइबर अपराध अब सिर्फ ऑनलाइन ठगी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर बायोमेट्रिक डाटा के दुरुपयोग जैसी गंभीर साजिशों के जरिए पूरे देश में फैलाए जा रहे हैं।फर्जी सिम कार्ड—साइबर ठगीबैंक फ्रॉडसोशल मीडिया हैकिंगडिजिटल ब्लैकमेलजैसे अपराधों की रीढ़ बन चुके हैं।सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आम लोग अनजान में अपना बायोमेट्रिक डेटा सौंप देते हैं, जिसका दुरुपयोग संगठित साइबर गिरोह करते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को बाद में कानूनी झंझट, पुलिस पूछताछ और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है।पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जरूरत है—बायोमेट्रिक सत्यापन पर कड़ी निगरानीसिम वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिताऔर आम जनता को जागरूक करने कीडिजिटल युग में अंगूठे की छाप भी हथियार बन चुकी है।यदि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई होती है, तो साइबर अपराध पर बड़ा अंकुश लगाया जा सकता है।