धनवार थाना क्षेत्र के अंबाटांड़ गांव में शांति देवी हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है।जांच के दौरान सामने आया कि यह जघन्य वारदात किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उन्हीं के पति गंगा प्रसाद सिंह ने की थी।13 नवंबर की रात 54 वर्षीय शांति देवी का शव घर के बाहर तथा सिर घर से करीब 100 मीटर दूर खेत में मिलने के बाद पूरे गांव में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएँ थीं। ग्रामीणों को शक था कि घटना किसी नजदीकी रिश्तेदार द्वारा की गई हो सकती है और पुलिस जांच ने इस आशंका को सच साबित कर दिया।वैज्ञानिक अनुसंधान में जुटी टीम को घटनास्थल से खू,न के धब्बे, संघर्ष के निशान और वारदात में उपयोग किया गया दावा (छुरा) बरामद हुआ।FSL रिपोर्ट, तकनीकी जांच और साक्ष्यों ने साफ कर दिया कि हत्या पूर्वनियोजित थी। इसके आधार पर पुलिस ने शांति देवी के पति को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।ग्रामीणों ने कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि एक परिवार का सदस्य ही इतनी निर्ममता से कत्ल कर सकता है।इस पूरे मामले में छापेमारी टीम में SDPO राजेंद्र प्रसाद जमुआ सर्कल इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार दास,धनवार थाना प्रभारी सतेन्द्र कुमार पाल, घोड़थंभा थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार, जमुआ थाना प्रभारी मणिकांत कुमार, हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र, एस एई सुजीत कुमार आदि शमिल रहे।