निरसा : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) मुगमा क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में पिछले 37 दिनों से चल रहा पनभरों का धरना बुधवार को उग्र हो गया। यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले धरनार्थियों ने क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य गेट को जाम कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।घंटों तक गेट जाम रहने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय मुगमा की कार्मिक प्रबंधक दीपिका कुमारी, सीनियर मैनेजर आशुतोष अवस्थी और कुमार अमित धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को एक सप्ताह के भीतर महाप्रबंधक के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया और मांगों को पुनः लिखित रूप में देने को कहा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने गेट जाम समाप्त कर दिया, हालांकि उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।धरना का नेतृत्व कर रहे सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने बताया कि पनभरा मजदूर बीते 19 जनवरी से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 से पनभरा मजदूर मुगमा क्षेत्र की कोलियरी आवासों में पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 50 पनभरा मजदूर ही बचे हैं और उन्हें प्रति भार मात्र 2 रुपये 80 पैसे मिलते हैं। पिछले 20 महीनों से उनका भुगतान भी लंबित है।धरना में उमेश यादव, अर्जुन यादव, श्रीनाथ यादव, भोला यादव, बैकुंठ यादव, धनु रवानी, हरिनाथ यादव, मटर महतो, उमाकांत यादव, सुबल रवानी, भोनु रवानी, बिट्टु गोप, झारु गोराई, दुवास गोप, धनजी ठाकुर सहित कई मजदूर शामिल थे।