कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने थाना कैण्ट, शिवपुर और लालपुर-पाण्डेयपुर में अर्दली रूम कर सख्त रुख अपनाया। इस दौरान उपनिरीक्षकों के कार्य-प्रदर्शन की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।समीक्षा में लम्बित विवेचनाएं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, BW/NBW वारंट की तामील, गिरफ्तारी, बिना नंबर वाहनों की सीज कार्रवाई और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।12 पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच शुरूकार्य-प्रदर्शन अत्यंत खराब पाए जाने पर कुल 12 निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। इन अधिकारियों के पास 60 दिनों से अधिक लंबित विवेचनाएं पाई गईं, शिकायतों का निस्तारण भी संतोषजनक नहीं था और NBW में गिरफ्तारी बेहद कम रही। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।किन थानों से हुए निलंबन?• थाना कैण्ट – 6 कर्मी• थाना शिवपुर – 3 कर्मी• थाना लालपुर-पाण्डेयपुर – 3 कर्मीकमिश्नर के सख्त निर्देश* कोई भी विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित न रहे* BW/NBW वारंट की समयबद्ध तामील और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी* गंभीर मामलों में साक्ष्य संकलन को प्राथमिकता* अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई* क्रेन के जरिए अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाना* ट्रैफिक पुलिस के साथ बेहतर समन्वय कर जाम की समस्या खत्म करना* SID Creation को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करनाइस दौरान अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त नीतू और सहायक पुलिस आयुक्त कैण्ट अपूर्व पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।स्पष्ट संदेश:कमिश्नरेट वाराणसी में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समयबद्ध, पारदर्शी और सख्त पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी जारी रहेगी।