उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने 6 अस्पतालों पर छापेमारी कर एक खौफनाक किडनी ट्रांसप्लांट गैंग का पर्दाफाश किया है, जो गरीबों की मजबूरी को अपना धंधा बना चुका था।जांच में सामने आया कि यह गिरोह पैसों के लालच में लोगों की ज़िंदगी से खेल रहा था। एमबीए छात्र को महज 6 लाख रुपए का लालच देकर उसकी किडनी निकलवा ली गई, और उसी किडनी को एक महिला मरीज को 80 लाख रुपए में बेच दिया गया। यानी इंसानियत को बाजार में खुलेआम नीलाम किया जा रहा था।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पेशे से जुड़े लोग शामिल पाए गए। यह गिरोह अब तक 7–8 किडनी बेच चुका है, जिससे साफ है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि संगठित और खतरनाक रैकेट है।गिरफ्तार आरोपी:डॉक्टर सुरजीत सिंह आहुजाडॉक्टर प्रीति आहुजाडॉक्टर राजेश कुमारडॉक्टर रामप्रकाशडॉक्टर नरेंद्र सिंहशिवम अग्रवाल (एंबुलेंस ड्राइवर)फरार आरोपी:डॉक्टर रोहित उर्फ राहुलडॉक्टर अफजलवैभवअनुराग उर्फ अमितपुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस गोरखधंधे की भनक सिस्टम को पहले क्यों नहीं लगी?क्या अस्पताल अब इलाज के मंदिर नहीं, बल्कि अवैध कारोबार के अड्डे बनते जा रहे हैं?यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि व्यवस्था पर एक काला धब्बा बनकर उभरा है।