हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए। बैठक में महिला प्रताड़ना, अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े मामलों में अविलंब कार्रवाई करने और 60 दिनों के भीतर मामलों का निपटान करने पर जोर दिया गया।पुलिस अधीक्षक ने चोरी, लूट, छिनतई, गृहभेदन और पुराने संप्रदायिक मामलों में अभी तक पकड़े न गए अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही थानों में लंबित जमानती और गैरजमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया।बैठक में अफीम और ब्राउन शुगर की खेती, तस्करी, अवैध खनन, संगठित अपराध गिरोहों और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने को कहा गया। अवैध कोयला, बालू और पत्थर उत्खनन पर पूर्णत: रोक लगाने के लिए अंचल अधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी, आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान और आगामी सरस्वती पूजा के अवसर पर होने वाली घटनाओं में पूर्व अभियुक्तों की पहचान कर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानों में अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए कार्रवाई को और तेज करने का आश्वासन दिया। इस बैठक के माध्यम से हजारीबाग जिले में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और जनता की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने का संकल्प मजबूत हुआ।