दुमका: उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में कृषि एवं उससे संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक के दौरान उपायुक्त ने सॉइल हेल्थ कार्ड योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सॉइल जांच की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषक मित्रों को अधिक से अधिक मृदा नमूना (सॉइल) संग्रहण के लिए सक्रिय किया जाए, ताकि किसानों की भूमि की गुणवत्ता के अनुसार उन्हें उर्वरक उपयोग की सही जानकारी मिल सके। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 11,700 सॉइल हेल्थ कार्ड के लिए मिट्टी की जांच की जा चुकी है।उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन किसानों के सॉइल की जांच पूरी हो चुकी है, उनके बीच शीघ्र सॉइल हेल्थ कार्ड का वितरण सुनिश्चित किया जाए।बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि जिले के काठीकुंड एवं सरैयाहाट प्रखंड के लाभुकों के बीच सरसों के बीज तथा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हनी प्रोडक्शन के लिए बॉक्स का वितरण किया गया है।यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल है।इसके अलावा “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के तहत जिले में लगभग 353 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रिप इरीगेशन प्रणाली के माध्यम से कवर किया गया है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कृषक मित्रों के माध्यम से कम से कम 100 ड्रिप इरीगेशन साइट का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा उसकी वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट फोटो के साथ उपलब्ध कराई जाए।उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्रिप इरीगेशन से संबंधित सामग्रियों का भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि लाभुक द्वारा उसका वास्तविक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से किसानों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है।बैठक में उपायुक्त ने कृषि विस्तार (एग्रीकल्चर एक्सटेंशन) गतिविधियों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसानों को नई किस्म की फसलों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही कृषक पाठशाला, बीज वितरण एवं ऋण माफी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के संबंध में उपायुक्त ने हॉर्टिकल्चर विभाग को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि सहकारिता विभाग के माध्यम से मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट प्लांट की स्थापना की जा रही है, जिससे मशरूम उत्पादकों को बेहतर बाजार एवं प्रसंस्करण की सुविधा मिल सकेगी।बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में पशुओं के लिए टीकाकरण (वैक्सीनेशन) का कार्य विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। उपायुक्त ने इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।बैठक में उप विकास आयुक्त सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे