दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका इन दिनों पूरी तरह भक्ति के रस में सराबोर है। स्थानीय बड़ा बांध क्षेत्र में अवस्थित डा राजेन्द्र प्रसाद स्मारक स्थल के परिसर में आयोजित ‘श्री श्री 1008 लक्ष्मीनारायण यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ’ ने बुधवार को उस समय एक अलौकिक रूप ले लिया, जब वेदों की ऋचाओं से पूरी यज्ञशाला गूंजायमान हो उठी।वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगमश्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचंद्रचार्य जी महाराज (परमहंस स्वामी श्री आगमानंद जी महाराज) के दिव्य संरक्षण और यज्ञाचार्य आचार्य अनिरुद्ध जी महाराज के कुशल निर्देशन में आज का दिन अत्यंत आध्यात्मिक और ऊर्जावान रहा। विधिवत मंत्रोच्चार के साथ यज्ञशाला में सर्व वेदों के स्वस्ति वाचन संपन्न हुए।मुख्य आकर्षण एवं आध्यात्मिक अनुभूतिदेव आवाहन: वैदिक मंत्रों द्वारा समस्त देवी-देवताओं का आवाहन कर उनका पूजन और भावपूर्ण स्तुति की गई।दिव्य वातावरण: समिधा और घी की सुगंध के साथ जब मंत्रों की गूँज हवाओं में घुली, तो श्रद्धालुओं को साक्षात् ‘देवलोक’ की पवित्रता का आभास हुआ।अटूट श्रद्धा का जन-सैलाब : यज्ञशाला में उमड़ी अपार भीड़ ने सनातन परंपराओं के प्रति धर्म,आध्यात्म के साथ आस्था को सिद्ध किया। यज्ञ की अग्नि और दिव्य ध्वनि ने पूरे क्षेत्र को एक महाशक्ति केंद्र में बदल दिया है।आचार्य अनिरुद्ध जी ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि, “यज्ञ से न केवल मन की शुद्धि होती है, बल्कि संपूर्ण वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।” बता दें कि यह भव्य अनुष्ठान आगामी 14 मार्च तक अनवरत चलेगा, जिसमें प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु पुण्य लाभ ले रहे हैं।