शनिवार को दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के प्रशासनिक भवन में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन, डीवीसी के अध्यक्ष श्री एस. सुरेश कुमार, ग्रामीण एसपी श्री कपिल चौधरी, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार, अनुमंडल दंडाधिकारी श्री लोकेश बारंगे तथा जिला प्रशासन व डीवीसी के अन्य पदाधिकारियों के बीच विभिन्न परियोजनाओं एवं विभिन्न बिन्दुओं पर विचार करने तथा उसका निराकरण करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया।जिसमें डीवीसी ने उनकी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने, डीवीसी के विभिन्न सब स्टेशनों पर सुरक्षा के प्रबंध, डीवीसी द्वारा अधिग्रहित भूमि का दाखिल खारिज, आवासों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने, कॉलोनी में पुलिस गश्त बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों के निराकरण के लिए विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में जिला प्रशासन की ओर से डीवीसी द्वारा इंटेक वेल के लिए एनओसी प्रदान करने, सोइल टेस्टिंग के लिए अनुमति देने, एगारकुंड में बोट शेड व टूरिस्ट कॉप्लेक्स का नर्माण, पंचेत डैम के पास सेमिनार हॉल, काली पहाड़ी पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र, हेल्थ सब सेंटर व पैक्स निर्माण, रॉ वॉटर पाइपलाइन बिछाने के लिए एनओसी, ग्रामीण जलापूर्ति योजना फेज 2 के लिए एनओसी सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान समन्वय बनाकर उपायुक्त ने डीवीसी की समस्या का निराकरण करने एवं डीवीसी के अध्यक्ष ने भी जिला प्रशासन को विभिन्न कार्य के लिए एनओसी देने व अन्य सहयोग प्रदान करने की सहमति जताई।वहीं पंचेत में फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने के दौरान बाधा डालने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। साथ में डीवीसी की जमीन को चिन्हित कर बाउंड्री वॉल निर्माण करने, भुरसा एवं लुआडीह में पुनर्वास के लिए चिह्नित जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने, आजाद नगर परिसर में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया गया।बैठक में उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, डीवीसी के अध्यक्ष श्री एस. सुरेश कुमार, ग्रामीण एसपी श्री कपिल चौधरी, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, नगर आयुक्त श्री आशीष गंगवार, अनुमंडल दंडाधिकारी श्री लोकेश बारंगे के अलावा जुडको, पीएचईडी 1, आरसीडी, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य विभाग के पदाधिकारी तथा डीवीसी के कार्यकारी निदेशक (सिविल), भू संपदा पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।