धनबाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। जिले के चार अहम प्रशासनिक स्तंभ—जिला प्रशासन, विकास योजनाएं, नगर निगम और शिक्षा व्यवस्था—की जिम्मेदारी अब चार सक्षम आईएएस अधिकारियों ने संभाली है। नवपदस्थापित अधिकारियों के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाए जाने की अपेक्षाएं जताई जा रही हैं।जिला उपायुक्त आदित्य रंजन: प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारीनवपदस्थापित जिला उपायुक्त आईएएस आदित्य रंजन ने धनबाद जिले की प्रशासनिक बागडोर संभाल ली है। कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं की निगरानी, राजस्व प्रशासन और जन शिकायतों के निपटारे जैसी प्रमुख जिम्मेदारियां उनके दायित्व क्षेत्र में हैं। प्रारंभिक बैठकों और समीक्षा के माध्यम से वह प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में पहल करते नजर आ रहे हैं।डीडीसी सन्नी राज: विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग पर फोकसउप विकास आयुक्त आईएएस सन्नी राज ने हाल ही में जिले में विकास योजनाओं की जिम्मेदारी संभाली है। ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था, मनरेगा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी उनका प्रमुख कार्यक्षेत्र है। उनके नेतृत्व में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और प्रक्रियाओं को व्यवस्थित किए जाने की उम्मीद की जा रही है।नगर आयुक्त आशीष गंगवार: शहरी प्रशासन की कमानधनबाद नगर निगम के नगर आयुक्त के रूप में आईएएस आशीष गंगवार ने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया है। स्वच्छता, नागरिक सुविधाएं, यातायात प्रबंधन, जलापूर्ति और अतिक्रमण नियंत्रण जैसे शहरी मुद्दों पर नगर निगम की भूमिका को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। प्रारंभिक स्तर पर व्यवस्था की समीक्षा और सुधार की संभावनाओं पर काम शुरू किया गया है।एसडीएम लोकेश बरांगे: अनुमंडलीय प्रशासन और शिक्षा की जिम्मेदारीआईएएस लोकेश बरांगे ने एसडीएम के रूप में अनुमंडलीय प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली है। इसके साथ ही शिक्षा विकास से जुड़े कार्यों की भी उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। विद्यालयों की स्थिति, शैक्षणिक योजनाओं और प्रशासनिक समन्वय की समीक्षा उनके प्राथमिक कार्यों में शामिल है।अपेक्षाओं का दौर, परिणामों पर रहेगी नजरचारों आईएएस अधिकारियों के नवपदस्थापन के बाद धनबाद की जनता और बुद्धिजीवी वर्ग में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उम्मीद जगी है.