झारखंड के देवघर जिले को साइबर अपराध के कलंक से मुक्त करने के लिए पुलिस कप्तान श्री सौरभ (भा.पु.से.) का संकल्प धरातल पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में रविवार, 22 मार्च 2026 को देवघर पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने सारवां थाना अंतर्गत घोरपरास जंगल में चल रहे एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
तकनीक की आड़ में रची जा रही थी ठगी की साजिश
पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) राजा कुमार मित्रा के कुशल निर्देशन में की गई इस कार्रवाई ने अपराधियों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। ये अपराधी बंद पड़े एच०पी० पेट्रोल पंप को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाकर Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank और PhonePe के नाम पर आम लोगों को चूना लगा रहे थे। इनके पास से 06 मोबाइल और 07 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ये ठगी के लिए कर रहे थे।
इन जांबाज पुलिस अधिकारियों ने दी दबिश (छापेमारी टीम)
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में देवघर साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। टीम में शामिल प्रमुख सदस्य:
पु०नि० हरदियुस टोप्पो, साइबर थाना, देवघर।
पु०अ०नि० अमर कुमार राम, साइबर थाना, देवघर।
थाना सारवां की समर्पित पुलिस टीम।
इन अधिकारियों की तत्परता और सटीक रणनीति के कारण ही जंगल जैसे दुर्गम इलाके में छिपे अपराधियों को दबोचना संभव हो पाया।
गिरफ्तार अपराधियों की सूची:
पकड़े गए सभी अपराधी देवघर जिले के ही ग्रामीण क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं:
आदित्य कुमार दास (19 वर्ष) – ग्राम तेतरिया, थाना कुण्डा।
उदित कुमार दास (25 वर्ष) – ग्राम तेतरिया, थाना कुण्डा।
प्रमोद कुमार दास (18 वर्ष) – ग्राम गुनियासोल, थाना मधुपुर।
आदेश कुमार दास (24 वर्ष) – ग्राम पसिया, थाना मधुपुर।
संदीप दास (18 वर्ष) – ग्राम सरपता, थाना सारवां।
जनता के लिए संदेश: ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े जागरूकता
हाल के दिनों में ज्यादातर गिरफ्तारियां देवघर के ग्रामीण इलाकों से हुई हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन की अपील है कि ग्रामीण जनता भी जागरूक बने। एसपी सौरभ का स्पष्ट संदेश है कि देवघर को ‘साइबर मुक्त’ बनाने का सपना तभी साकार होगा जब पुलिस और जनता कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी।
एक अपील: यदि आपके गांव या मोहल्ले में कोई संदिग्ध व्यक्ति मोबाइल के साथ जंगल या सुनसान जगहों पर सक्रिय दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। आपकी एक गुप्त सूचना पुलिस की सफलता और देवघर की सुरक्षा की कुंजी बन सकती है।
पुलिस की सख्ती और जनता की सतर्कता ही देवघर को अपराध मुक्त बनाएगी।