वाराणसी में साइबर फ्रॉड के प्रति बढ़ती जागरूकता और सतर्कता का बड़ा असर देखने को मिला है। HDFC बैंक की आर्य महिला शाखा में एक बुजुर्ग खातेधारक के 39 लाख रुपये साइबर ठगी से बचा लिए गए। ठगों ने बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा देकर भारी रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया था।जानकारी के अनुसार, ठगों की मांग पर बुजुर्ग सीधे बैंक पहुंचे और अपने खाते से 39 लाख रुपये ट्रांसफर करने का आवेदन जमा कराया। आवेदन में बड़ी राशि देख बैंक कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया।साइबर पुलिस ने बुजुर्ग को ऑनलाइन काउंसलिंग दी, जिसमें पता चला कि उन्हें साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया था। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समझाइश की वजह से समय रहते ट्रांजैक्शन रोका गया और बुजुर्ग की जीवनभर की बचत सुरक्षित हो गई।यह मामला साइबर जागरूकता और बैंक–पुलिस की सतर्कता का बेहतरीन उदाहरण बन गया है।