सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DFO), पटना द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत दिनांक 18 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक 3 दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का आयोजन बाजार समिति रोड बक्सर में किया जा रहा है। इस मेले का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना, उनके उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन सुनिश्चित करना तथा उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ना है।कार्यक्रम का शुभारंभ श्री एस. के. अग्निहोत्री, सहायक निदेशक (ग्रेड-I), MSME-DFO, पटना ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कारीगरों के कौशल उन्नयन एवं आत्मनिर्भरता में इस योजना की भूमिका को रेखांकित किया।श्री संतोष कुमार साहू, सहायक निदेशक (ग्रेड-I), MSME-DFO, पटना ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह मेला स्थानीय कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके उत्पादों की ब्रांडिंग एवं पहचान स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।जिला पदाधिकारी बक्सर, श्रीमती साहिला के द्वारा डुमरांव सिंधोरा निर्माण जैसे पारंपरिक हस्तशिल्प की विशेषता एवं महत्व के बारे में बताया गया। उन्होंने कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परंपरागत कला एवं शिल्प हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें संरक्षित एवं प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी, मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा 60 पीएम विश्वकर्मा कारीगरों के स्टॉल का भ्रमण किया गया। उन्होंने कारीगरों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री एवं ई-मार्केटप्लेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। जिससे वे व्यापक बाजार तक पहुंच बना सकें और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र बक्सर, अग्रणी जिला प्रबंधक बक्सर, संयुक्त निदेशक NIELIT, बक्सर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस आयोजन के सफल संचालन में श्री हर्ष, MSME-DFO, श्री विद्या भूषण पाठक, श्री अंकेश कुमार श्री जितेंद्र कुमार, श्री अयोध्या चौधरी, श्री अभय कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।यह तीन दिवसीय मेला कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है, जहां वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं तथा संभावित ग्राहकों एवं बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित कर रहे हैं। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।