(धर्मेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट): अयोध्या।जनपद अयोध्या की महराजगंज पुलिस ने अन्तरजनपदीय चोरी गैंग का भंडाफोड़ कर क्षेत्र की बड़ी आपराधिक घटना का खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक/थाना प्रभारी महराजगंज श्री शशि प्रकाश मिश्र के कुशल नेतृत्व में गठित टीम ने चार शातिर अपराधियों को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह सफलता पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के दौरान सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी से संभव हुई।दिनांक 16 सितम्बर 2025 को थाना महराजगंज क्षेत्र में अज्ञात चोरों द्वारा ई-रिक्शा की बैटरियां चोरी कर ली गई थीं। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम गठित की गई और माल व अपराधियों की बरामदगी हेतु विशेष प्रयास प्रारम्भ किए गए।दिनांक 21 सितम्बर 2025 की शाम पुलिस टीम ने टण्डौली क्रॉसिंग, दिलासीगंज मार्ग, नहर के पास घेराबंदी कर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई 24 ई-रिक्शा बैटरियां, घटना में प्रयुक्त दो चारपहिया वाहन (वैन और हुंडई ऑरा), फर्जी नम्बर प्लेट तथा अभियुक्तों के पास से नकदी रकम भी बरामद की।गिरफ्तार अभियुक्तों का परिचय1. संदीप दीक्षित, पुत्र स्व. बृजकिशोर, निवासी सेक्टर M-1, थाना आशियाना, लखनऊ। (उम्र लगभग 33 वर्ष, आपराधिक इतिहास शून्य)2. संजू दीक्षित, पुत्र स्व. बृजकिशोर, निवासी सेक्टर M-1, थाना आशियाना, लखनऊ। (उम्र लगभग 30 वर्ष, दर्जनों आपराधिक मुकदमों में संलिप्त, लखनऊ, बहराइच और अन्य जनपदों में मामले दर्ज)3. फहीम, पुत्र वसीम, निवासी औरंगाबाद खालसा, थाना आशियाना, लखनऊ। (उम्र लगभग 28 वर्ष, कई मुकदमों में वांछित, गिरोहबंद समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त)4. रिजवान खान, पुत्र सुलेमान खान, निवासी सण्डीला, जनपद हरदोई। (उम्र लगभग 30 वर्ष, विभिन्न जनपदों में कई मामलों में वांछित, चोरी और आर्म्स एक्ट में संलिप्त)इन अपराधियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि वे अयोध्या, लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर और बांदा जिलों में लगातार ई-रिक्शा बैटरियों की चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। यह एक संगठित गिरोह है, जो अन्तरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था।अभियुक्त संजू दीक्षित, फहीम और रिजवान खान के खिलाफ दर्जनों मुकदमे विभिन्न जिलों में पंजीकृत हैं। इनमें चोरी, लूट, वाहन चोरी, गिरोहबंदी और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पेशेवर तरीके से घटनाओं को अंजाम देता था और चोरी की गई बैटरियों को ऊँचे दाम पर अन्यत्र बेच देता था।इस सफलता को हासिल करने वाली पुलिस टीम में थाना महराजगंज पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस यूनिट के लगभग 24 जवान शामिल रहे। जिनमें उपनिरीक्षक आशीष सिंह, चित्रेश प्रताप सिंह, शिवेन्द्र पाल, अमरेश कुमार त्रिपाठी सहित कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल सम्मिलित थे। सीसीटीवी कैमरों की मदद से अपराधियों तक पहुंच बनाना और तत्पश्चात घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार करना टीम की पेशेवर दक्षता का परिचायक है।एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इस सफलता पर पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अयोध्या पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।अयोध्या पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल चोरी की बड़ी घटनाओं का खुलासा किया, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े चोरी गिरोह को भी धर दबोचा। इस सफलता से निश्चित रूप से आम जनता में सुरक्षा की भावना और पुलिस पर विश्वास और मजबूत है।