“जब काशी बनी इतिहास की जीवंत किताब — विक्रमादित्य महोत्सव में गूंजा स्वर्णिम भारत”काशी की धरती एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम युग की साक्षी बनी, जब तीन दिवसीय “सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव” का भव्य शुभारंभ बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) स्थित सूर्य सरोवर मैदान में हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संयुक्त रूप से इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन किया।इस दौरान काशी की पावन भूमि पर महाकाल की भस्म आरती की दिव्य प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को अभिभूत कर दिया, जबकि भव्य महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” ने दर्शकों को प्राचीन भारत के गौरवशाली काल में पहुंचा दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है तथा ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य को न्याय, धर्म और लोककल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्राट विक्रमादित्य को भारतीय इतिहास का महानतम शासक बताते हुए कहा कि उनका जीवन न्याय और पराक्रम का पर्याय है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।225 कलाकारों का विराट मंचन, 3 मंचों पर जीवंत इतिहासमहानाट्य की सबसे बड़ी खासियत इसका भव्य और जीवंत प्रस्तुतीकरण रहा। तीन विशाल मंचों पर एक साथ अलग-अलग दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, वीरता, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाया गया।हाथी-घोड़े, रथ और युद्ध दृश्य बने आकर्षणमंचन में 18 घोड़े, हाथी, रथ, ऊंट और पालकी का उपयोग कर वास्तविकता का अद्भुत अनुभव कराया गया। घोड़ों की टाप, युद्ध के दृश्य और हाई-टेक लाइटिंग-साउंड इफेक्ट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।“लाइव इतिहास की किताब” बना आयोजनहजारों दर्शकों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम एक “लाइव इतिहास की किताब” जैसा प्रतीत हुआ, जहां लोगों ने पढ़े हुए इतिहास को अपनी आंखों के सामने जीवंत होते देखा।संस्कृति और आस्था का संगमकार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन और महाकाल की भस्म आरती से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।700 किलो की वैदिक घड़ी भेंटइस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ को 700 किलोग्राम की “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी” भेंट की, जिसे काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा।प्रदर्शनी भी बनी आकर्षण का केंद्रआर्ष भारत, विक्रमादित्य, अयोध्या, शिव पुराण, 84 महादेव और मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आधारित प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।