दुमका: कन्वेंशन सेंटर, दुमका में सामाजिक कुरीति निवारण एवं बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन निदेशालय समाज कल्याण (झारखंड महिला विकास समिति) के तत्वावधान में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा किया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों—विशेषकर बाल विवाह एवं डायन प्रथा—के उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं एवं किशोरियों के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचाना रहा।कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए कानून में कठोर दंड का प्रावधान है। किसी भी संदिग्ध स्थिति में महिला हेल्पलाइन-181, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 एवं पुलिस हेल्पलाइन-112 पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई।इस अवसर पर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामाजिक कुरीति निवारण योजना एवं मिशन शक्ति योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सांसद नलिन सोरेन का सशक्त संदेशकार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुमका लोकसभा क्षेत्र के सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी कुरीतियाँ सामाजिक विकास में सबसे बड़ी बाधा हैं। कम उम्र में विवाह से बच्चियों का शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास प्रभावित होता है, जिसका दुष्प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को पूरे देश में आयोजित करने की आवश्यकता बताई और उपस्थित लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की शपथ भी दिलाई। जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की एकजुट आवाजजामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि कानून तभी प्रभावी होगा जब समाज उसकी जिम्मेदारी ले।उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने शिक्षा को बाल विवाह रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि जब महिला सशक्त होगी, तभी झारखंड सशक्त बनेगा।सम्मान और जागरूकता रथबाल विवाह रोकथाम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हीरामनि टुडू सेविका, बसंती मुर्मू (मुखिया, नाचनगढ़िया) एवं कमीशन सोरेन (मुखिया, भूटकोडिया)को सम्मानित किया गया।साथ ही सामाजिक कुरीति निवारण से संबंधित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।