बोकारो: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आज एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जैनामोड़ क्षेत्र अंतर्गत अंगवाली, मिश्रा टोला, अंगवाली पेटरवार प्रखंड निवासी सोजल कुमार शिक्षा ऋण नहीं मिलने की पीड़ा लेकर उपायुक्त अजय नाथ झा से मिलने पहुंचे।##शिक्षा बाधित होने की स्थिति में थीबीटेक (सीएसई) प्रथम वर्ष के छात्र सोजल कुमार ने बताया कि आर्थिक संसाधनों के अभाव में उनकी उच्च शिक्षा बाधित होने की स्थिति में थी। परिवार की सीमित आय के कारण वे शिक्षा ऋण के लिए प्रयासरत थे, परंतु ऋण स्वीकृति नहीं होने से वे अत्यंत व्यथित थे। अपनी पढ़ाई रुक जाने की आशंका से भावुक होकर वे समाहरणालय पहुंचे।त्वरित हस्तक्षेप कियासमाहरणालय परिसर में तैनात होमगार्ड रोमा कुमारी ने छात्र को सांत्वना देते हुए तत्परता दिखाई तथा मौके पर उपस्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रतिनिधि को पूरे मामले से अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने तत्काल उपायुक्त महोदय के संज्ञान में भी पूरा मामला लाया। मामले की गंभीरता और छात्र की परिस्थिति को देखते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने त्वरित हस्तक्षेप किया तथा संबंधित बैंक अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। लोन कुछ ही घंटों में स्वीकृत उल्लेखनीय है कि अन्य बैंकों द्वारा आवेदन को सिबिल स्कोर कमजोर होने के कारण अस्वीकृत कर दिया गया था, परंतु बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवेदन को स्वीकृत किया। उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद 7.5 लाख रुपये का शिक्षा ऋण अगले कुछ ही घंटों में स्वीकृत कर दिया गया। ऋण स्वीकृत होने की सूचना मिलते ही छात्र और उनके परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी स्पष्ट झलक उठी। सोजल कुमार ने जिला प्रशासन एवं बैंक प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे पूरे मनोयोग से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।##होमगार्ड की सराहनाइस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की शिक्षा केवल आर्थिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा ही भविष्य निर्माण का आधार है। सभी बैंक शिक्षा ऋण मामलों में संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्य करें, ताकि योग्य विद्यार्थियों के सपनों को पंख मिल सके। उन्होंने अन्य बैंकों को भी प्रोएक्टिव होकर ऐसे आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही। साथ ही, होमगार्ड रोमा कुमारी की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।#उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और उन्हें उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल एक छात्र के सपनों को टूटने से बचाने का प्रयास है, बल्कि यह संदेश भी है कि प्रशासन विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सजग और संवेदनशील है।