वाराणसी | 9 फरवरी 2026।पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में कमिश्नरेट वाराणसी के 18 थानों पर Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 संचालित किया जा रहा है।युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में चल रहे इस 30 दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 14 जनवरी 2026 से हुई है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Skills) और लोक कौशल (People Skills) का विकास करना है, ताकि वे पुलिसिंग व्यवस्था और कानून के व्यावहारिक पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को कानून एवं आपराधिक प्रक्रिया, आपराधिक अनुसंधान, यातायात नियंत्रण, साइबर अपराध, मानव तस्करी और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुल 120 घंटे की अनुभवात्मक सिखलाई प्रतिदिन 4 घंटे के आधार पर 30 दिनों में पूरी कराई जाएगी।सभी प्रतिभागियों का पंजीकरण MyBharat Portal पर कराया गया है। प्रत्येक चयनित थाने पर एक-एक उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। थाना स्तर पर 20 दिनों तक 2 से 10 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।नारकोटिक्स और सोशल मीडिया पर विशेष सत्रआज यातायात सभागार, कमिश्नरेट वाराणसी में आयोजित सत्र में पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार त्रिपाठी और निरीक्षक मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, ड्रग तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से जुड़े कानूनों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने NDPS Act, 1985 और आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के प्रमुख प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया।वहीं उपनिरीक्षक हिमांशु त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर विस्तृत सत्र लिया, जिसमें सोशल मीडिया के प्रकार, फायदे, नुकसान, समाज पर प्रभाव, लत से बचाव और सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी साझा की गई।अधिकारियों का कहना है कि SPEL Programme 3.0 छात्रों को न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली समझने में मदद करेगा, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का भी सशक्त माध्यम बनेगा।