राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा पुलिसिंग व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में दायर SLP (Crl.) No.-3543/2020, परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह एवं अन्य मामलों में दिनांक 2 दिसंबर 2020 और 2 मार्च 2021 को पारित आदेशों के अनुपालन में झारखंड के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरों के अधिष्ठापन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।इस क्रम में JAP-IT द्वारा तैयार विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) के आधार पर राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 8,854 CCTV कैमरे लगाए जाने के लिए 134 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना पुलिस थानों को अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस करेगी, जिससे पुलिस कार्यवाही का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि देशभर के पुलिस थानों में CCTV कैमरों की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि हिरासत, पूछताछ और थाने की अन्य गतिविधियों की निगरानी की जा सके। झारखंड सरकार द्वारा दी गई यह स्वीकृति इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। कैमरों के अधिष्ठापन के बाद ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, डेटा स्टोरेज और मॉनिटरिंग की सुव्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जाएगी। इससे पुलिस थानों में आने वाले आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होगी और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ेगी