खरगडीहा लंगटा बाबा समाधि स्थल गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड में स्थित है और यह स्थल वर्षों से सांप्रदायिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बना हुआ है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर चादरपोशी करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। लंगटा बाबा की मान्यता केवल झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैली हुई है।हर वर्ष पौष पूर्णिमा के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष पौष पूर्णिमा पर कल मेले का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जमुआ प्रखंड मुख्यालय से लगभग सात किलोमीटर दूर, देवघर मुख्य मार्ग पर उसरी नदी के किनारे स्थित इस समाधि स्थल पर सभी धर्मों के लोगों की गहरी आस्था है। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के लोग समान श्रद्धा के साथ यहां मत्था टेकते हैं।पौष पूर्णिमा के दिन समाधि परिसर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग जाता है। झारखंड सहित अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु चादर चढ़ाने पहुंचते हैं। इस अवसर पर साधु-संतों का जमावड़ा लगता है, वहीं मंत्री, सांसद, विधायक, प्रशासनिक और न्यायिक पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।मान्यताओं के अनुसार, संत लंगेश्वरी बाबा उर्फ लंगटा बाबा ने वर्ष 1910 में पौष पूर्णिमा के दिन महासमाधि ली थी। कहा जाता है कि 1870 के दशक में वे नागा साधुओं के एक दल के साथ खरगडीहा पहुंचे थे। बाद में वे यहीं साधना में लीन हो गए और अपनी करुणा, सादगी व चमत्कारिक प्रभाव से जनमानस में पूज्य बन गए।बाबा से जुड़ी कई कथाएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं। मान्यता है कि उनकी कृपा से गंभीर रोग दूर हुए और संकट समाप्त हुए। वे न केवल मानव बल्कि सभी प्राणियों के प्रति करुणामय थे। भेंट स्वीकार करने की उनकी परंपरा भी अनोखी थी, जिसे वे अस्वीकार करते, उसे “ठंडी करो महाराज” कहकर कुएं में डालने को कहते थे। यह कुआं आज भी समाधि परिसर में मौजूद है।बाबा के महासमाधि के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विभिन्न समुदायों में मतभेद हुआ था, लेकिन स्थानीय प्रबुद्धजनों के निर्णय से दोनों धर्मों की परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। तभी से पौष पूर्णिमा के दिन यहां मेले की परंपरा शुरू हुई।हर वर्ष की तरह इस बार भी कल लगने वाला पौष पूर्णिमा मेला इस बात का प्रतीक होगा कि लंगटा बाबा का मानवता, प्रेम और सौहार्द का संदेश आज भी समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहा है।